मेरे इकलौते बेटे को क्यों गोली मार दी, उसका क्या कसूर था? पूछा- इस्लाम जिंदाबाद बोलना गलत है क्या?

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Ranchi Violence: पैगंबर पर बीजेपी नेताओं की विवादित टिप्पणियों के विरोध में रांची में शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 20 लोग घायल हो गए जिनका कि अस्पताल में इलाज चल रहा है. गोली लगने से मृत दो युवकों के परिजन दुख में डूबे हैं. उन्होंने इस घटना की जांच करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है.

मृतक साहिल अंसारी के बड़े भाई मोहम्मद शोएब ने एनडीटीवी से कहा कि उन्हें फोन पर बताया गया कि उनके भाई को गोली लग गई है. उसे अस्पताल ले गए. वहां वह कुछ देर तक ठीक था. ऑपरेशन थिएटर में दो-ढाई घंटे उपचार चला. बाद में उसे वहां से जब आईसीयू में ले जाया जा रहा था तब वह सीरियस हो गया. उसी दौरान उसका हार्ट फेल हो गया. उन्होंने कहा कि साहिल एक सीधा लड़का था. उसका कोई रिकार्ड खराब नहीं रहा. उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी.

इस्लाम जिंदाबाद का नारा लगाने के बाद मुदस्सिर को गोली लगी और इसके एक दिन बाद उसकी मौत हो गई थी. मुदस्सिर की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार में मातम पसरा है. बेटे को गंवाने के गम में डूबी मां के रोने की आवाज से कलेजा कांप जा रहा. मुदस्सिर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था.अपने इकलौते बेटे को गंवाने वाली मां के पास सरकार, पुलिस, प्रशासन और व्यवस्था से ढेर सारे सवाल हैं.

आजतक से बात करते हुए मुदस्सिर की मां ने कहा कि वह मेरा इकलौता बेटा था. उसे मार दिया. बेबस मां ने सवाल किया कि क्या इस्लाम जिंदाबाद के नारे लगाना गलत है? क्या ये अपराध है? उन्होंने अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उसे गोली मारने वाले को मेरे सामने लाया जाए. मैं उससे पूछूंगी कि उसे गोली मारने का अधिकार किसने दिया?

आंसुओं से सराबोर मां ने रुंधे गले से कहा कि मुझे मेरा बेटा लौटा दो. जिसने गोली मारी उसे मेरे सामने खड़ा करो. उन्होंने कहा कि किस सरकार ने गोली मारने का आदेश दिया. क्या सरकार मुझे मेरा बेटा लौटा पाएगी? मुदस्सिर की मां ने कहा कि मेरा बेटे को जब गोली मारी गई, वह अकेला था. वहां तो कोई भीड़ भी नहीं थी.

उन्होंने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की भी गुहार लगाई. गौरतलब है कि रांची में हुए प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा में गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी. रांची में हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया था. इंटरनेट पर भी बैन लगा दिया गया था. अब इंटरनेट सेवा बहाल हो गई है लेकिन कई इलाकों में अब भी धारा 144 लागू है.

शुक्रवार को हुई घटना में 20 लोग घायल हुए जिनका इलाज चल रहा है. रिम्स में भर्ती घायल युवक अफसर ने एनडीटीवी से कहा कि ”मैं सामान लेने के लिए मार्केट गया था. इस बीच भगदड़ हो गई. जब वापस आ रहे थे तो गोली लग गई. हम प्रोटेस्ट में नहीं थे. सामान लेकर आ रहे थे. पुलिस फायरिंग कर रही थी और इधर से पत्थर चल रहे थे. वहां से निकलने की कोशिश की तो गोली लग गई. छह गोली लगी हैं जिसमें से चार निकल गई हैं. दो अभी नहीं निकलीं. ”

अफसर के एक परिजन सरफराज आलम ने बताया कि डॉक्टर ने कहा है कि बाकी गोलियां दो-चार दिन में निकालेंगे. उन्होंने कहा कि अफसर जुलूस में शामिल नहीं था.

एक अन्य घायल तवारक ने बताया कि ”मैं वहां से आ रहा था. भगदड़ हुई तो हम भी दौड़ने लगे. इस बीच हमको भी गोली लग गई. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन नहीं कर रहे थे, लोग दौड़े तो हम भी दौड़ने लगे.”

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